Dr Aditi Interview about HD vision and Contoura vision

HD Vision and Contoura Vision

 हेल्लो दोस्तों अभी बीते कुछ दिन पहले मैं Clio Eye Care, हॉस्पिटल  Gurgaon में गया था वहा मैं डॉक्टर Aditi Manudhane ji  से मिला और उनका इंटरव्यू लिया जिसमें मैने बहुत से प्रश्न HD Vision, Contoura Vision, Epi-Contoura लेज़र eye सर्जरी को लेकर Dr Aditi Manudhane जी से पूछे और उन्होंने उनका क्या-क्या उतर दिया आपको बहुत सारी जानकरी इस पोस्ट में मिलेगी |

Dr aditi manudhane
Dr. Aditi Manudhane


तो ये थे हमारे कुछ महत्वपुर HD vision और contoura vision से सम्बंदित प्रश्न- 

  • Q.1 चश्मा उतारने कि लेटेस्ट टेक्नोलॉजी कौन सी है?
  • Q.2 iDesign Refractive Studio (HD Vision) and Contoura Vision में क्या अंतर है ?
  • Q.3 आपके हॉस्पिटल में कौन कौन सी लेज़र सर्जरी की जाती है?
  • Q.4 Api-Contoura लेज़र सर्जरी में क्या फ्लैप बनाया जाता है? और api Contoura को क्या Slit Lamp से डिटेक्ट किया जा सकता है?
  •  Q.5 DR Aditi जी आज तक आपने maximum कितने नंबर तक का चश्मा आपके हॉस्पिटल में लेज़र सर्जरी से उतारा है?
  •  Q.6 क्या लेज़र सर्जरी से पहले ये पता लगाया जा सकता है कि पेशेंट का नंबर स्टेबल है या नही?
  • Q.7 Mam अगर किसी को Myopia and Hyperopia दोनों नंबर हो तो क्या उनका लेज़र हो सकता है?
  • Q.8 Amblopia (Lazy Eyes) का क्या कोई ट्रीटमेंट है?
  •  Q.9 अगर किसी ने Retina डी अटैचमेंट की सर्जरी करवाई हो तो क्या उसका लेज़र हो सकता है?
  •  Q.10 Dr Aditi जी क्या हर पेशेंट की contoura Vision सर्जरी की जा सकती है? अगर नही! तो कैसे पता चलेगा की उसकी सर्जरी होगी या नही?
Q.1 मैम चश्मा उतारने की लेटेस्ट टेक्नोलॉजी आज की डेट में कौन सी है
देखिये अगर आप चश्मा उतारने के लिए लेसिक के बारे में बात करते हैं तो आज की डेट में जो सबसे 2 पॉपुलर या लेटेस्ट टेक्निक है वह है Contoura Vision और है iDesign Refractive Studio 2.0  यह दोनों सॉफ्टवेयर है पहले तो आगे बढ़ने से पहले आपको यह समझना जरूरी है कि दोनों ही लेसिक की प्रक्रिया है Contoura Vision and iDesign Refractive Studio जिसको आप Commen HD लेसिक के नाम से जान रहे हैं यह दोनों सॉफ्टवेयर हैं जिनके द्वारा आपके Eye को तराशते हैं कॉर्निया का नंबर उतारते हैं और उसमें एडवांटेजेस होते हैं जिससे क्वालिटी ऑफ़ विजन इंप्रूव होती है अल्टीमेटली दोनों ही ये लेसिक के टाइप है| 
  • Q.2 iDesign Refractive Studio (HD Vision) and Contoura Vision में क्या अंतर है 
अगर आप iDesign Refractive Studio 2.0 और Contoura Vision अंतर  की बात करते तो कंटूरा विजन टोपोग्राफी के सरल भाषा में कंटूरा विजन में आपके कॉर्निया की मैपिंग होती है जिसमें हम 22,000 पॉइंट को से मापते है जो हमारी कोरिया की सरहद पर irregularity होती है या aberrations होते हैं उनको ट्रीट करते है| कंटूरा विजन द्वारा नंबर तो उतारते ही हैं लेकिन साथ में इन इरेगुलेरिटीज को भी ट्रीट करने का सॉफ्टवेयर होता है तो जिसके कारण क्वालिटी ऑफ विजन भी बेहतर होती है जिससे ग्लेयर हेलो वगैरह प्रॉब्लम ना हो अगर हम eye design refractive studio 2.0 की बात करें यह भी एक सॉफ्टवेयर है जो जॉनसन एंड जॉनसन द्वारा प्रमाणित किया गया है इस सॉफ्टवेयर को Topo-Integrated, wavefront-guided के नाम से जानते हैं सरल भाषा में इसमें आपकी आय के मेजरमेंट लिए जाते हैं आगे से पीछे तक aberrations को नापा जाता है जिनको हम ऑप्टिकल इंपरफेक्शंस कहते हैं तो नंबर तो उतार ही जाता है बट इस सॉफ्टवेयर के मदद से हम आपके aberrations को भी एड्रेस करते हैं ताकि यह मिनिमम रहे सर्जरी के बाद और आए ज्यादा नॉर्मल रहे और इससे क्वालिटी ऑफ़ विजन एनहांस होती है तो कंटूरा विजन और i-design रिफ्लेक्ट स्टूडियो दोनों ही काम वही कर रहे हैं लेसिक के ही सॉफ्टवेयर है| अलगअलग कंपनियों के अलगअलग नाम है और उनमें कुछ अपने फीचर्स हैं यह ऐसी बात हुई जब हम पूछे कि आपको mercedes-benz अच्छी है या ऑडी अच्छी है दोनों आज की तारीख में दोनों अपनी जगह भी इक्वली गुड माने जाते हैं इन पर अभी अभी भी रिसेंटली 2019 में स्टडीज आयी है जिनमें उन्होंने कंटूरा विजन और i-design को कंपेयर किया है पेशंट सेटिस्फेक्शन दोनों ही सॉफ्टवेयर से इक्वली गुड है कंट्रास्ट भी बहुत अच्छा है| 
  • Q.3 आपके हॉस्पिटल में कौन कौन सी लेज़र सर्जरी की जाती है
हम lasik में तीन तरह के लेज़र ऑफर करते हैं एक होता है wavefront optimize lasik  यानिकी Asperic Lasik दूसरा है- कंटूरा विजन और तीसरा है iDesign Refractive Studio 2.0 powered byजॉनसन एंड जॉनसन यह तीनों सॉफ्टवेयर है Lasik के जिनके द्वारा लेसिक किया जाता है इन तीनों में दो तरह के मेन टाइप होते हैं जैसे कि आपने सुना होगा ब्लेड और ब्लेड फ्री तो इसका मतलब यह है
कंटूरा विजन विद ब्लेड भी किया जाता है जिसका माइक्रोकरेटोम Lasik कहते हैं और कंटूरा विजन ब्लड फ्री भी किया जा सकता है उसी तरह यह सारे सॉफ्टवेयर के नाम है और प्रक्रिया ब्लेड या ब्लेड फ्री भी हो सकती है|
  • Q.4 Api-Contoura लेज़र सर्जरी में क्या फ्लैप बनाया जाता हैऔर api Contoura को क्या Slit Lamp से डिटेक्ट किया जा सकता है?
 एपी-contoura streamligh लेसिक की प्रक्रिया है वो एक्चुअली सर्फसे अब्लेअजन का एक मॉडिफिकेशन है यह flap-less प्रोसीजर होता है जिसमें सिर्फ ऊपरी परत को भी लेजर द्वारा हटाया जाता और साथ में नंबर को भी हटा दिया जाता है तो इसमें इफेक्टिवली फ्लैप नहीं बनाया जाता है डिफरेंस यह है कि epi-contura करें या हम कंटूरा करें तो एपी कंटूरा में जो vision स्टेबलाइजेशन होता है जैसे कि सर्फसे अब्लेअजन में थोड़ा टाइम लगता है बट विजुअल आउटकम similar होता है दूसरी चीज epi-contoura Generally हम उनोगों में prefer करते हैं जिनकी कॉर्नर थिकनेस कुछ बॉर्डर लाइन हो और फ्लैप with प्रोसीजर नहीं चाहते| अगर बात हुई डिटेक्शंस Slit Lamp की क्योंकि यह एक फ्लैप less प्रोसीजर है इसमें कोई ऐसे फ्लैप के स्कार्स नहीं दिखते हैं तो इसे स्लिट लैंप पर डिटेक्ट करना डिफिकल्ट हो जाता है नहीं पता चलता मोस्टली अनलेस की हीलिंग में किसी को कोई हल्की सी है जो स्टार हो जाए| अगर किसी भी बन्दे ने कोई भी लेज़र करवाई हो अगर उसका पेंटाकेम या कॉर्नियल पोग्राफी की जाती है उस पेशेंट की उस में पकड़ा जा सकता है|
  •  Q.5 DR Aditi जी आज तक आपनेmaximum कितने नंबर तक का चश्मा आपके हॉस्पिटल में लेज़र सर्जरी से उतारा है?
 लेज़र सर्जरी दवारा जो हमने हटाया है नंबर वह9 – 2.0 सिलेंडर को हटाया गया है और मैक्सिमम अगर हम चश्मा हटाने की बात करें जो पेशेंट्स हायर नंबर के होते हैं जो lasik के लिए रिजेक्ट हो जाते हैं तो आईसीएल द्वारा हमने22 तक का नंबर हटा है इसमें भी हमें20 तक तो  ICL से करेक्ट हो जाता है उसके ऊपर का जो नंबर रह जाता है उसके लिए हम स्र्फसे अब्लेजन दवारा हटा देते है नंबर|  
  •  Q.6 क्या लेज़र सर्जरी से पहले ये पता लगाया जा सकता है कि पेशेंट का नंबर स्टेबल है या नही
 बेशक सर्जरी से पहले जब पेशेंट आते हैं लेसिक के लिए तो हम हमेशा पेशेंट के पावर को चेक करते हैं अगर पेशेंट एक से डेढ़ साल तक जो चश्मा पहन रहा है उसका नंबर वही आता है इसका मतलब बाय एंड लार्ज उसका नंबर स्टेबल है 19 साल की उम्र के बाद जनरली आई की ग्रोथ रुक जाती है तो इसका मतलब उसका नंबर स्टेबल हो जाता है और अगर पेशेंट का नंबर पिछले एक डेढ़ साल में फ्लकचुएट हुआ है अगर पॉइंट टू फाइव (0.25) नोट फ्लकचुएशन, पॉइंट टू फाइव कंपलेक्सेशन नहीं मानते हैं अगर पॉइंट 5 से ज्यादा नंबर चेंज हुआ है इसका मतलब वह नंबर स्टेबल नहीं है और अगर वही चश्मे का नंबर जो 1 साल से पहन रहा है और वही वह टेस्ट करते हैं इसका मतलब स्टेबल है एक और टेस्ट किया जाता है लेसिक के दौरान जिसमें हम पेशेंट की अग्जुअल लेंथ मेजर करते है मतलब आंख का साइज़ चेक करते है तो अगर अगजुल लेंथ पेशेंट की अगर  रिकॉर्ड हुई हो 1 साल पहले और वापस 1 साल बाद और वह भी सेम है तो इसकी मतलब उसकी आई की ग्रोथ स्टेबल है तो वह भी बता सकता कि हां नंबर स्टेबल है| 
  • Q.7 Mam अगर किसी को Myopia and Hyperopia दोनों नंबर हो तो क्या उनका लेज़र हो सकता है

 पहले में ये क्लियर करूंगी की मायोपिया होता है माइनस का नंबर और hyperopia होता है प्लस का नंबर| एक पेशेंट में मायोपिया और हाइपरोपिया दोनों नहीं होते जो प्लस का नंबर आप बात कर रहे है वह होता है प्रेसबायोपिया जो 40 साल की उम्र के बाद आता है ठीक है, तो अगर किसी कोका नंबर है और उसको 40 साल की उम्र के बाद प्लस का आता है उसे हम कहते मायोपिया विद प्रेसबायोपिया क्योंकि उसको रीडिंग ग्लासेस लगते हैं और वो आते हैं क्योंकि आई की मसल weak हो जाती है|  आज के तारीख में हमारे पास प्रेसबायोपिया को भी एड्रेस करने के लिए सॉफ्टवेयर है जो हम करते हैं जिसको हम कहते हैं प्रेप्रेसबायोपिया lasik आपके दूर के चश्मे को भी हटा सकता है और पाक के चश्मे को भी जो प्लस पावर को भी एड्रेस कर देता है तो इसके जो प्रेसबायोपिया lasik के टाइप होते हैं वह है सुप्राकोर जो हम ऑफर करते है और एक और है प्रेस बाय ओन यह प्रेसबायोपिया की टेक्नोलॉजी है|

  • Q.8 Amblopia (Lazy Eyes) का क्या कोई ट्रीटमेंट है?
लेजी आई मेडिकल टर्म में हम उसे अम्ब्लोपिया कहते हैं यह इस कारण से हो जाती है कि कभी किसी को चश्मे का नंबर रहा है या तिरछापन रहा और उसको टाइम से करेक्ट नहीं किया गया बचपन में तब उसकी आय लेजी हो जाती है मतलब वह आए का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है उसमें पर्दे में कोई प्रॉब्लम नहीं होती है ना नस में प्रॉब्लम होती है लेकिन अगर चश्मा नहीं पहना और छोटी उम्र में मतलब अगर lazy eye को हम अगर जल्द से जल्द डिटेक्ट करें चाइल्डहुड में मतलब 12 साल से कम के बच्चे में अगर लेजी आए या high नंबर डिटेक्ट होता है तो उसको ट्रीट किया जा सकता है और जितना जल्दी उसको पकड़ा जाए और पेशेंट को चश्मा पहना जाए और उसको एक थेरेपी होती है जिसको हम कहते अक्लुजन थेरेपी जिससे हम आई को पैच करके पेशेंट को जो कमजोर eye है उसे देखने के लिए कहा जाता है| तो उससे लेजी आए treat की जा सकती है काफी बच्चे करेक्ट हो जाते हैं मतलब अगर उनकी विजन 3 लाइन है तो वह बराबर ट्रीटमेंट से पांच लाइन पड़ने लगते हैं बट अगर लेजी आई को टाइम से नहीं पकड़ा गया और पेशेंट 12 साल की उम्र के या 10  साल की उम्र के बाद आता है तब lazy eye को treat करना पॉसिबल नहीं होता|
 

Q.9 अगर किसी ने Retina डी अटैचमेंट की सर्जरी करवाई हो तो क्या उसका लेज़र हो सकता है

देखिए अगर पेशन ने रेटिनल डिटैचमेंट की सर्जरी कराई है इसका मतलब उसका पर्दा कुदरती तौर पर weak है या तो उस के परदे में छेद थे जिसके कारण पर्दे में पतलापन था और रेटिना detach हुआ तो रेटिनल डिटैचमेंट की सर्जरी के बाद हम lasik generally नही एडवाइज करते क्योंकि लेसिक में जब फ्लैप बनता है आपकी आई पर एक प्रेशर बनाया जाता है जो RD सर्जरी के पेशेंट में सेफ नहीं है अगर उन्हें बहुत है कि हमें  नंबर हटवाना ही है तो सरफेस अब्लेजन द्वारा नंबर को हटाया जा सकता है जिसमें फ्लैप less प्रक्रिया होती है| सरफेस अब्लेजन में लेकिन हम सिर्फ चार या पांच नंबर तक ही टारगेट कर सकते हैं उससे ज्यादा नहीं कर सकते| 


Q.10 Dr Aditi जी क्या हर पेशेंट की contoura Vision सर्जरी की जा सकती हैअगर नही! तो कैसे पता चलेगा की उसकी सर्जरी होगी या नही?

जब भी पेशेंट lasik के लिए आता है तो काफी टेस्ट किए जाते हैं जैसे कि नंबर टेस्ट किया जाता है रिफ्लेक्शन होता है उसकी कंटूरा के पहले टॉपर लाइजर द्वारा कुछ इमेजेज लेते है हम कॉर्निया की कुछ पेशेंट 5% ऐसे होते हैं जिनमें कंटूरा के लिए वो फिट नहीं हो पाते| भले ही उनकी कॉर्नर थिकनेस अच्छी हो क्योंकि कंपनी के कुछ रिकमेंडेशंस है कि अगर पेशेंट की जो cylindrical एक्सेस है जो पेशन नंबर एक्सेप्ट कर रहा है और जो मशीन में रहा है अगर उसमें डिफरेंस आता है कुछ डिग्रीज का जो कंपनी परमिट करती है उसके ब्लॉन्ड आता है तो हम उन पेशेंट में कंटूरा नहीं कर पाते| ठीक है कुछ पेशेंट में कोई कर्नल इरेगुलेरिटी ऐसी होती है जिसमें कंपनी recommend नहीं करती है contoura मत करो तो वह कंटूरा रिजेक्ट हो जाते हैं जैसे कि मैंने बताया सिलैंडरिकल पॉवर में जो पेशेंट नंबर एक्सेप्ट कर रहा है और जब मशीन दिखा रही है अगर उसमें ग्रोस डिस्क्रिपेंसी आती है तो ऐसे पेशेंट में कंटूरा ना करके हम wavefront ऑप्टिमाइज लेसिक प्रेफर करते हैं क्योंकि कंटूरा विजन एक टोपोग्राफी गाइडेड लेसिक है अगर कॉर्निया के में कुछ ऐसे डिफरेंस हैं जो पेशेंट के नंबर से मैच नही कर सकते तो बेहतर होगा उस पेशेंट का वेव फ्रंट optimization किया जाए जो कंपनी का भी रिकमेंडेशन है और यही फॉलो किया जाता है तो पेशेंट जब आता है वर्क अप के लिए सर्जरी के लिए पोस्ट करने से पहले हमें पता लगा लेते हैं की अच्छा ये पेशेंट फिट हो पाएगा या नहीं हो पाएगा| 

 

 प्लानिंग जो lasik की सर्जरी की है वह equally इंपॉर्टेंट है यानकि मशीन ही इंपॉर्टेंट नहीं है जो प्लानिंग में टाइम दिया जाता है, सर्जन की क्वालिफिकेशन होती है सर्जन आपकी प्लानिंग किस तरह करता है यह सब चीजें बहुत मायने रखती अल्टीमेटउटकम के लिए| सॉफ्टवेयर तो है ही लेकिन उसको किस तरह यूज करना है उसको टरप्रेट कैसे करना है यह बहुत इंपॉर्टेंट होते हैं फाइनल Vision आउटकम के लिए|  

Note:- Before to take any decision on Eye Surgery don’t forget to consult with Your Eye Doctor. 

About eyecare024@gmail.com

4 comments

  1. Sir mujhe ye btao ki naturally eye kaise improve hoge mere -4.00 ka no ha

  2. Sie ye btao ki naturally eye kaise improve hoge mere chashme ka no -4.00 ha

    • eyecare024@gmail.com

      abi tak koi naturally tarika se improve ho rahi h asa proof ya review samne nhi aya h jispr trust kiya ja ske

  3. Single eye Ka price kya Hoga

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